रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के पहले और सबसे बड़े लोकपर्व हरेली तिहार के अवसर पर आज मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में यह लोकपर्व पूरे पारंपरिक उल्लास और छत्तीसगढ़ी रंग में मनाया जाएगा। संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे प्रारंभ होगा।
कार्यक्रम एक नज़र में
| अवसर | हरेली तिहार 2026 |
|---|---|
| तारीख | 12 अगस्त 2026 (बुधवार) |
| समय | प्रातः 10:00 बजे |
| स्थान | मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर |
| आयोजक | संस्कृति विभाग एवं कृषि विभाग, छत्तीसगढ़ शासन |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय |
हरेली तिहार क्या है?
हरेली छत्तीसगढ़ का प्रमुख और पहला लोकपर्व माना जाता है। खेती-किसानी से गहराई से जुड़ा यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अच्छी फसल की कामना और ग्रामीण जीवन के सामूहिक उल्लास का प्रतीक है। सावन की हरियाली के बीच मनाया जाने वाला हरेली तिहार प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति और प्रकृति के साथ छत्तीसगढ़ के आत्मीय संबंध को अभिव्यक्त करता है।
‘हरेली’ शब्द ही ‘हरियाली’ से बना है — यानी वह समय जब खेत हरे-भरे हो चुके होते हैं और किसान को थोड़ी राहत मिलती है।
हरेली के दिन क्या-क्या होता है
- कृषि औजारों की पूजा: किसान अपने कृषि उपकरणों और हल-नांगर की साफ-सफाई कर उनकी विधिवत पूजा करते हैं।
- अच्छी फसल की कामना: खेती में उपयोग होने वाले औजारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।
- घर और चौपाल में पूजा: गांवों में घरों और चौपालों में पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हरेली की खुशियां साझा की जाती हैं।
- गेड़ी की परंपरा: बांस से बनी गेड़ी पर चढ़ने की परंपरा हरेली की सबसे पहचानी हुई तस्वीर है।
- छत्तीसगढ़ी खेल: गेड़ी दौड़, फुगड़ी, भौंरा, बांटी जैसे पारंपरिक खेल पर्व के उत्साह को और बढ़ाते हैं।
मुख्यमंत्री निवास में क्या खास रहेगा
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की इन्हीं लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। आयोजन स्थल को हरेली की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश में सजाया जाएगा। खेती-किसानी से जुड़ी पारंपरिक वस्तुओं, कृषि उपकरणों और लोक संस्कृति के विविध प्रतीकों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम में हरेली से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन मूल्यों से जोड़ना है।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की बधाई दी है।
क्यों मायने रखता है यह आयोजन
राज्य शासन के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, तीज-त्योहारों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार का आयोजन इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की माटी, महतारी, खेती-किसानी और लोकजीवन के गौरव का उत्सव बनेगा।
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
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| छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग | यहाँ देखें |
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स्रोत: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय (dprcg.gov.in), 11–12 अगस्त 2026।





