रायपुर, 13 अगस्त 2026। भारत विभाजन की विभीषिका में असंख्य परिवारों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष को स्मरण करने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम एक नज़र में
| अवसर | विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 2026 |
|---|---|
| तिथि | 14 अगस्त 2026 |
| समय | दोपहर 12:30 बजे |
| स्थान | मुक्ताकाशी मंच, संचालनालय पुरातत्व परिसर, लोकभवन के पास, सिविल लाइन्स, रायपुर |
| आयोजक | संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय |
| अध्यक्षता | संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल |
| अति विशिष्ट अतिथि | वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप |
| मुख्य वक्ता | प्रख्यात फिल्मकार एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी |
विभाजन की पीड़ा और मानवीय संघर्ष पर विमर्श
राज्य स्तरीय आयोजन में वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेले गए विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष की स्मृतियों को साझा किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास की एक घटना के रूप में नहीं, बल्कि उससे प्रभावित परिवारों के संघर्ष, साहस और नए सिरे से जीवन खड़ा करने की अदम्य जिजीविषा के रूप में भी नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करना है।
विशेष प्रदर्शनी और समाज के प्रतिनिधि वक्ता
इस अवसर पर विभाजन की विभीषिका और उस दौर की परिस्थितियों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी एवं स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विभाजन से प्रभावित सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि वक्ता अपने परिवारों एवं समाज से जुड़ी स्मृतियों और अनुभवों को साझा करेंगे।
कार्यक्रम में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे, जिससे वे इतिहास के इस अध्याय और विभाजन की मानवीय पीड़ा को निकटता से समझ सकें।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्यों मनाया जाता है
भारत सरकार ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य 1947 के विभाजन में अपनी जान, घर और जड़ें गँवाने वाले लाखों लोगों को स्मरण करना और सामाजिक सद्भाव, एकता एवं मानवीय संवेदना को सुदृढ़ करना है।
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक समाचार (जनसंपर्क संचालनालय) | यहाँ देखें |
| संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ | cgculture.in |
| छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय | dprcg.gov.in |
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14 अगस्त ही क्यों
भारत सरकार ने 1947 के विभाजन में मारे गए और उजड़े लाखों लोगों की स्मृति में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले की यह तारीख इसलिए चुनी गई ताकि आज़ादी के उत्सव के साथ-साथ उस कीमत को भी याद रखा जाए जो देश के एक बड़े हिस्से ने चुकाई थी। विभाजन को इतिहास की सबसे बड़ी मानव त्रासदियों और सबसे बड़े विस्थापनों में गिना जाता है।
छत्तीसगढ़ से इसका रिश्ता
विभाजन के बाद पंजाब, सिंध और बंगाल से उजड़कर आए अनेक परिवार देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे, और छत्तीसगढ़ भी उनमें शामिल रहा। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों में सिंधी और पंजाबी समाज की मजबूत उपस्थिति इसी इतिहास का हिस्सा है। यही कारण है कि राज्य स्तरीय आयोजन में इन्हीं समाजों के प्रतिनिधि वक्ताओं को अपनी पारिवारिक स्मृतियाँ साझा करने के लिए बुलाया गया है — यह इतिहास किसी दूर की घटना का नहीं, इसी प्रदेश में बसे परिवारों का है।
कार्यक्रम में क्या देखने को मिलेगा
- विभाजन की विभीषिका और उस दौर की परिस्थितियों पर केंद्रित विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी।
- सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज के प्रतिनिधि वक्ताओं के स्मृति-वक्तव्य।
- प्रख्यात फिल्मकार एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का मुख्य वक्तव्य।
- स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में सहभागिता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: कार्यक्रम कब और कहाँ है?
उत्तर: 14 अगस्त 2026, दोपहर 12:30 बजे, मुक्ताकाशी मंच, संचालनालय पुरातत्व परिसर, लोकभवन के पास, सिविल लाइन्स, रायपुर।
प्रश्न: आयोजक कौन है?
उत्तर: संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन।
प्रश्न: मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता कौन हैं?
उत्तर: मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय; मुख्य वक्ता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी। अध्यक्षता संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।
नई पीढ़ी तक इतिहास पहुँचाने की कोशिश
आयोजन की सबसे खास बात यह है कि इसमें स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी रखी गई है। विभाजन को पाठ्यपुस्तक के एक अध्याय के रूप में पढ़ना और उन परिवारों के सदस्यों से सीधे सुनना, जिन्होंने वह दौर देखा या अपने बुजुर्गों से सुना — दोनों अनुभव बिलकुल अलग हैं। छायाचित्र प्रदर्शनी इसी अंतर को पाटने का माध्यम है, जहाँ तस्वीरें उस दौर के विस्थापन, शरणार्थी शिविरों और नए सिरे से जीवन शुरू करने के संघर्ष को सामने रखती हैं।
आयोजन में कैसे शामिल हों
- कार्यक्रम स्थल मुक्ताकाशी मंच, संचालनालय पुरातत्व परिसर, लोकभवन के पास, सिविल लाइन्स, रायपुर है — यह रायपुर के मध्य में स्थित है और सार्वजनिक परिवहन से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
- कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे प्रारंभ होगा; कुछ समय पहले पहुँचना बेहतर रहेगा।
- विद्यालय एवं महाविद्यालय समूह में सहभागिता के लिए संबंधित संस्थान से समन्वय कर सकते हैं।
- कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी अद्यतन सूचना के लिए संस्कृति विभाग एवं जनसंपर्क संचालनालय की वेबसाइट देखें।
स्रोत: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय (dprcg.gov.in), समाचार दिनांक 13 अगस्त 2026।





