ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी नीतिगत घटना घट चुकी है। लगभग दो दशक तक चले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 की जगह अब एक नया क़ानून आ गया है — विकसित भारत — रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण), जिसे संक्षेप में वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) कहा जा रहा है।
CGPSC, CGSSB और व्यापम की परीक्षाओं की दृष्टि से यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी क़ानून का प्रतिस्थापन करेंट अफेयर्स, राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था — तीनों खंडों में प्रश्न बनाता है। छत्तीसगढ़ जैसे बड़ी ग्रामीण आबादी वाले राज्य के लिए यह और भी प्रासंगिक है।
नया क़ानून क्या है
नए अधिनियम का पूरा नाम है — “विकसित भारत — रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025”। इसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, और यह 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुआ है।
यह अधिनियम मनरेगा, 2005 को प्रतिस्थापित करता है — यानी मनरेगा अब समाप्त हो चुका है और उसकी जगह यह नई व्यवस्था लागू है।
सबसे बड़ा बदलाव — 100 से 125 दिन
मनरेगा के अंतर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन के अकुशल श्रम की गारंटी थी। नए अधिनियम में यह बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
पात्रता वही है — ऐसा प्रत्येक ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हों।
वित्त पोषण का नया ढाँचा
यह वह बिंदु है जिस पर परीक्षा में सबसे अधिक प्रश्न बनते हैं। नए अधिनियम में केंद्र और राज्य के बीच व्यय का बँटवारा इस प्रकार है:
| राज्य श्रेणी | केंद्र | राज्य |
|---|---|---|
| सामान्य राज्य (छत्तीसगढ़ सहित) | 60% | 40% |
| पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्य | 90% | 10% |
यह अनुपात मज़दूरी, सामग्री और प्रशासनिक व्यय — तीनों पर लागू होता है। मनरेगा में अकुशल मज़दूरी का पूरा भार केंद्र पर था, इसलिए राज्यों की वित्तीय ज़िम्मेदारी अब पहले से अधिक है।
अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान
- बेरोज़गारी भत्ता — यदि काम माँगने वाले व्यक्ति को 15 दिन के भीतर रोज़गार नहीं दिया जाता, तो राज्य सरकार को बेरोज़गारी भत्ता देना होगा। यह प्रावधान मनरेगा से बरक़रार रखा गया है।
- कार्य विराम (Work Pause) — कृषि मौसम के दौरान वर्ष में 60 दिन तक कार्य रोके जा सकते हैं, ताकि खेती के लिए श्रमिक उपलब्ध रहें।
- पीएम गति शक्ति से एकीकरण — कार्यों की योजना राष्ट्रीय मास्टर प्लान से जोड़ी जाएगी।
- तकनीक आधारित निगरानी — कार्यों की निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली अनिवार्य।
- क्षेत्र की सीमा — रोज़गार केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध होगा। मनरेगा की सार्वभौमिक कवरेज से यह एक बड़ा बदलाव है।
छत्तीसगढ़ में क्या हुआ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के लिए इस मिशन को मंज़ूरी दी गई। राज्य में यह योजना “विकसित भारत — रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़” के नाम से लागू की जा रही है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़ |
| रोज़गार की गारंटी | प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन |
| बजट प्रावधान (वित्त वर्ष 2026-27) | लगभग 4,000 करोड़ रुपये |
| व्यय बँटवारा | केंद्र 60% : राज्य 40% |
| प्रकृति | वैधानिक गारंटी (statutory guarantee) |
छत्तीसगढ़ के लिए इसका अर्थ
छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और बस्तर तथा सरगुजा जैसे वनांचलों में मौसमी रोज़गार पर निर्भरता अधिक है। ऐसे में 25 अतिरिक्त दिनों की गारंटी का सीधा असर पड़ता है।
साथ ही दो व्यावहारिक प्रश्न भी खड़े होते हैं:
- राज्य पर वित्तीय भार — 40% हिस्सेदारी का अर्थ है राज्य के बजट पर स्थायी दबाव।
- कृषि मौसम में कार्य विराम — धान की रोपाई और कटाई के समय श्रमिक खेती में लगते हैं; 60 दिन के विराम का प्रावधान इसी वास्तविकता को स्वीकार करता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
CGPSC / CGSSB / व्यापम — याद रखने योग्य बिंदु
- नया अधिनियम — विकसित भारत — रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण), 2025; संक्षेप वीबी-जी राम जी
- यह मनरेगा, 2005 को प्रतिस्थापित करता है
- रोज़गार गारंटी — 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन
- प्रभावी तिथि — 1 जुलाई 2026
- राष्ट्रपति की स्वीकृति — द्रौपदी मुर्मू
- व्यय बँटवारा — सामान्य राज्य 60:40, पूर्वोत्तर/हिमालयी 90:10
- बेरोज़गारी भत्ता — 15 दिन में काम न मिलने पर
- कृषि मौसम में 60 दिन तक कार्य विराम का प्रावधान
- छत्तीसगढ़ में योजना का नाम — वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़; प्रावधान लगभग 4,000 करोड़ रुपये
- रोज़गार केवल केंद्र द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में
संभावित प्रश्न
प्र. मनरेगा 2005 को किस अधिनियम ने प्रतिस्थापित किया है?
उ. विकसित भारत — रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी)
प्र. नए अधिनियम में कितने दिन के रोज़गार की गारंटी है?
उ. 125 दिन प्रति वित्तीय वर्ष
प्र. सामान्य राज्यों में केंद्र और राज्य के बीच व्यय का अनुपात क्या है?
उ. 60 : 40
प्र. काम न मिलने पर कितने दिन बाद बेरोज़गारी भत्ता देय है?
उ. 15 दिन
प्र. नया अधिनियम कब से प्रभावी हुआ?
उ. 1 जुलाई 2026
आधिकारिक स्रोत
- विधेयक का विस्तृत विश्लेषण — PRS Legislative Research
- राष्ट्रपति की स्वीकृति संबंधी समाचार — DD News (सरकारी)
- राज्य स्तरीय अधिसूचना के लिए — छत्तीसगढ़ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट
निष्कर्ष
मनरेगा का प्रतिस्थापन दो दशक की ग्रामीण रोज़गार नीति में सबसे बड़ा मोड़ है। परीक्षार्थियों के लिए यह केवल एक “नई योजना” नहीं, बल्कि एक क़ानूनी बदलाव है — इसलिए इसे तिथि, नाम, दिनों की संख्या और वित्त पोषण अनुपात के साथ याद रखें। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में योजना का नाम और बजट प्रावधान अलग से याद रखना उपयोगी रहेगा।





