कृषि में आत्मनिर्भरता पर जोर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 70 संस्थानों से एम.ओ.यू., 7 का विदेश में शोध चयन

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय — 70 संस्थानों से एम.ओ.यू. और विदेश में शोध चयन

रायपुर के कृषि महाविद्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. (कर्नल) गिरीश चंदेल ने कहा कि देश को कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना आज की बड़ी चुनौती है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों से इस दिशा में सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आह्वान किया। इसी अवसर पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का ब्यौरा भी सामने आया।

उपलब्धियाँ एक नज़र में

देश के संस्थानों से एम.ओ.यू. लगभग 70 विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान
विदेश में शोध हेतु चयन (इस वर्ष) 2 वैज्ञानिक एवं 5 विद्यार्थी
नया डिजिटल कदम कर्मचारियों के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट का लोकार्पण
अवसर कृषि महाविद्यालय, रायपुर — 15 अगस्त 2026

‘कृषि में आत्मनिर्भरता आज भी चुनौती’

डॉ. चंदेल ने कहा कि आज़ादी के आठ दशकों में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में तीव्र विकास किया है, फिर भी देश के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं — जिनमें कृषि उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्रमुख है। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों से इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने को कहा।

70 संस्थानों से समझौते

छत्तीसगढ़ के छात्रों को कृषि की उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु देश के लगभग 70 विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ एम.ओ.यू. किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि राज्य के विद्यार्थियों के लिए शोध और प्रशिक्षण के अवसरों का दायरा बढ़ा है।

विदेश में शोध के लिए चयन

इस वर्ष विश्वविद्यालय के दो वैज्ञानिकों और पाँच विद्यार्थियों का विदेशी शिक्षण संस्थानों में शोध अध्ययन हेतु चयन किया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार

विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं शोधार्थी छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठियों में बेस्ट पोस्टर और बेस्ट प्रेजेंटेशन जैसे पुरस्कार प्राप्त किए। प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट साइंटिस्ट और बेस्ट एग्रीकल्चर इंजीनियर जैसे सम्मान हासिल किए।

समारोह में सर्वश्रेष्ठ रिसर्च पब्लिकेशन के लिए शोध एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। खेल-कूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, एन.सी.सी. कैडेट्स और एन.एस.एस. स्वयंसेवकों को भी सम्मान मिला।

कर्मचारियों के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए एक व्हाट्सएप चैटबॉट का लोकार्पण भी किया गया — प्रशासनिक कामकाज को डिजिटल बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम।

छत्तीसगढ़ के लिए इसका मतलब

छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है और राज्य की बड़ी आबादी की आजीविका खेती से जुड़ी है। ऐसे में कृषि उच्च शिक्षा और शोध का मजबूत होना सीधे तौर पर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा विषय है।

महत्वपूर्ण लिंक

मूल विज्ञप्ति (जनसंपर्क संचालनालय) यहाँ पढ़ें
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स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन — रायपुर, 15 अगस्त 2026।