रायपुर, 13 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंटर्न्स की समस्याओं पर चर्चा और समाधान के लिए आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में IMA प्रतिनिधियों एवं इंटर्न्स के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्टाइपेंड सहित कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक एक नज़र में
| तिथि | 13 अगस्त 2026 |
|---|---|
| अध्यक्षता | आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल |
| शामिल | IMA प्रतिनिधि एवं मेडिकल इंटर्न्स |
| मुख्य मुद्दा | स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की माँग |
| विभाग का रुख | माँग पर गंभीरता से विचार का आश्वासन |
स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग
बैठक के दौरान इंटर्न्स ने अपनी प्रमुख माँग रखते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की बात कही। विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया कि छात्र हित में सरकार द्वारा हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं और इंटर्न्स की स्टाइपेंड संबंधी माँग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
हॉस्टल निर्माण को मंजूरी
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं — जो छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित न करने की अपील
बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों से अपील की गई कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे तौर पर जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी परिस्थिति में सेवाएँ प्रभावित न हों।
IMA-MSN Chhattisgarh के संयोजक श्री शाहदिल ख़ुसरू ने कहा कि यह बैठक समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक समाचार (जनसंपर्क संचालनालय) | यहाँ देखें |
| संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ | cgdme.in |
| स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ | cghealth.nic.in |
यह भी पढ़ें
- छत्तीसगढ़ AI मिशन: 500 करोड़ का प्रावधान और 100 AI डेटा लैब
- एआई से महिला की आपत्तिजनक तस्वीर बनाना गंभीर साइबर अपराध: महिला आयोग
इंटर्नशिप स्टाइपेंड का मुद्दा क्यों उठता रहता है
MBBS की पढ़ाई के बाद एक वर्ष की अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप करनी होती है। इस दौरान इंटर्न मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पताल में लगभग पूर्णकालिक रूप से मरीजों की देखभाल, ओपीडी, वार्ड ड्यूटी और आपातकालीन सेवाओं में लगे रहते हैं। यह प्रशिक्षण का हिस्सा होने के साथ-साथ अस्पताल की रोजमर्रा की सेवाओं का बड़ा सहारा भी है। स्टाइपेंड इसी काम के बदले मिलने वाली मासिक राशि है, और यह राज्य-दर-राज्य अलग-अलग होती है — यही वजह है कि इसे बढ़ाने की माँग समय-समय पर उठती रहती है।
हॉस्टल की घोषणा क्यों मायने रखती है
इंटर्न और जूनियर रेजिडेंट अक्सर देर रात तक ड्यूटी करते हैं, इसलिए अस्पताल परिसर के पास आवास की उपलब्धता सीधे तौर पर उनकी सुरक्षा और काम की गुणवत्ता से जुड़ी है। बैठक में यह जानकारी दी गई कि चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं — यह लंबे समय से लंबित माँग पर ठोस प्रगति है।
बातचीत से समाधान का रास्ता
बैठक के अंत में सभी सदस्यों से अपील की गई कि स्वास्थ्य सेवाएँ सीधे जनहित से जुड़ी होती हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में सेवाएँ प्रभावित न हों। IMA-MSN Chhattisgarh के संयोजक श्री शाहदिल ख़ुसरू ने इस बैठक को समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सामान्यतः ऐसे मामलों में आंदोलन की स्थिति बनने से पहले संवाद हो जाना दोनों पक्षों के लिए बेहतर रहता है — मरीजों के लिए भी और प्रशिक्षु डॉक्टरों के लिए भी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: बैठक किसकी अध्यक्षता में हुई?
उत्तर: आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल की अध्यक्षता में, IMA प्रतिनिधियों एवं इंटर्न्स के साथ।
प्रश्न: स्टाइपेंड बढ़ाने पर क्या तय हुआ?
उत्तर: विभाग ने आश्वासन दिया कि छात्र हित में हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्टाइपेंड संबंधी माँग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कोई राशि अभी घोषित नहीं हुई है।
प्रश्न: हॉस्टल को लेकर क्या जानकारी दी गई?
उत्तर: चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रायः सभी मेडिकल कॉलेजों में हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा का बढ़ता दायरा
राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में गिने-चुने मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में इनकी संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। सीटें बढ़ने का सीधा असर यह है कि हर साल इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है — और उसी अनुपात में हॉस्टल, स्टाइपेंड, ड्यूटी रोस्टर तथा सुरक्षा जैसे मुद्दे बड़े होते जा रहे हैं। इसीलिए विभाग और छात्र संगठनों के बीच नियमित संवाद की व्यवस्था अहम मानी जा रही है।
आगे क्या देखना होगा
- स्टाइपेंड बढ़ोतरी पर विभाग का औपचारिक आदेश कब आता है — फिलहाल केवल विचार का आश्वासन है।
- स्वीकृत हॉस्टलों के निर्माण की समय-सीमा और कॉलेजवार स्थिति।
- ड्यूटी घंटे, अवकाश और सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर आगे की बैठकें।
अभ्यर्थी और विद्यार्थी संचालनालय चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाली अधिसूचनाओं पर नज़र रखें, क्योंकि स्टाइपेंड जैसी बातों में अंतिम रूप से वही आदेश मान्य होता है।
स्रोत: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय (dprcg.gov.in), समाचार दिनांक 13 अगस्त 2026।





