रायपुर, 12 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने स्पष्ट कहा है कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से किसी महिला की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर साइबर अपराध है। ऐसे मामलों में पीड़ित महिलाओं को तत्काल कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार है।
जनसुनवाई में 30 प्रकरण, 17 पर सुनवाई
राज्य महिला आयोग कार्यालय, रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय द्वितीय जनसुनवाई में अध्यक्ष डॉ. ममता साहू एवं सदस्य सुश्री दीपिका शोरी ने महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई की।
| सुनवाई के लिए रखे गए प्रकरण | 30 |
|---|---|
| सुनवाई किए गए प्रकरण | 17 |
| नस्तीबद्ध (बंद) प्रकरण | 5 |
| स्थान | राज्य महिला आयोग कार्यालय, रायपुर |
| अध्यक्षता | डॉ. ममता साहू, अध्यक्ष |
एआई से बनी आपत्तिजनक तस्वीरों का मामला
सुनवाई के दौरान एक मामले में महिला ने शिकायत की कि कुछ लोग एआई तकनीक का उपयोग कर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे साइबर अपराध से संबंधित माना और संबंधित पक्षों को अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देते हुए प्रकरण को अगली सुनवाई के लिए रखा।
आयोग के समक्ष कुछ महिलाओं ने यह शिकायत भी रखी कि उनके प्रकरणों में निष्पक्ष सुनवाई नहीं हुई। आयोग ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक परीक्षण और पुनर्विचार की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही।
एक अन्य मामले में पति-पत्नी के बीच विवाद और प्रताड़ना की शिकायत पर दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी दी गई; आयोग ने मामले को निगरानी में रखने का निर्णय लिया। संपत्ति विवाद और पारिवारिक प्रताड़ना से जुड़े मामलों में आयोग ने महिलाओं को विधिक सहायता लेने, परामर्श प्राप्त करने तथा शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की सलाह दी।
आयोग की अपील
डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के बीच महिलाओं से साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन उत्पीड़न की तुरंत शिकायत करने की अपील की।
ऐसी स्थिति में शिकायत कैसे दर्ज करें (स्टेप बाय स्टेप)
- सबूत सुरक्षित रखें। आपत्तिजनक पोस्ट, प्रोफाइल लिंक, यूज़रनेम और तारीख-समय के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। सामग्री को डिलीट करने से पहले प्रमाण सहेजना जरूरी है।
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें — cybercrime.gov.in खोलें।
- होम पेज पर ‘Report Women/Child Related Crime’ विकल्प चुनें। यहाँ गुमनाम (Anonymous) रिपोर्ट दर्ज करने का विकल्प भी उपलब्ध है, और ‘Report and Track’ चुनकर आप शिकायत की स्थिति भी देख सकती हैं।
- मोबाइल नंबर से OTP सत्यापन कर फॉर्म भरें और सबूत (स्क्रीनशॉट/लिंक) अपलोड करें।
- हेल्पलाइन 1930 (साइबर अपराध) तथा 181 (महिला हेल्पलाइन) पर भी तत्काल सहायता ली जा सकती है।
- नज़दीकी थाने में एफआईआर दर्ज कराएं — आयोग के अनुसार पीड़िता को तत्काल कानूनी कार्रवाई और एफआईआर का अधिकार है।
- प्रकरण राज्य महिला आयोग के समक्ष रखने के लिए राज्य महिला आयोग कार्यालय, रायपुर में आवेदन प्रस्तुत करें।
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल | शिकायत दर्ज करें |
| राष्ट्रीय महिला आयोग — ऑनलाइन शिकायत | यहाँ जाएं |
| राज्य महिला आयोगों की सूची (NCW) | यहाँ देखें |
| आधिकारिक समाचार (जनसंपर्क संचालनालय) | यहाँ देखें |
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स्रोत: छत्तीसगढ़ जनसंपर्क संचालनालय (dprcg.gov.in), 12 अगस्त 2026।





