छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री (Chhollywood) का परिचय — इतिहास, प्रमुख फिल्में और कलाकार

क्लैपरबोर्ड — छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री (प्रतीकात्मक चित्र)

छत्तीसगढ़ की अपनी एक फिल्म इंडस्ट्री है, जिसे Chhollywood के नाम से जाना जाता है। यह छत्तीसगढ़ी भाषा में बनने वाली फिल्मों का उद्योग है, जो पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ा है। अगर आप छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और मनोरंजन जगत में दिलचस्पी रखते हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि यह इंडस्ट्री कहाँ से शुरू हुई और आज कहाँ खड़ी है।

क्लैपरबोर्ड — छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री (प्रतीकात्मक चित्र)
प्रतीकात्मक चित्र। Photo by Mark J Sebastian, CC BY-SA 2.0, via Wikimedia Commons.

Chhollywood की शुरुआत कैसे हुई

छत्तीसगढ़ी सिनेमा की शुरुआत 1965 में हुई थी, जब पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म “कहि देबे संदेश” रिलीज़ हुई। इसके बाद लंबे समय तक इंडस्ट्री लगभग ठहरी रही — दशकों तक कोई नई छत्तीसगढ़ी फिल्म नहीं बनी।

असली मोड़ आया 27 अक्टूबर 2000 को, जब “मोर छइहां भुइयां” रिलीज़ हुई। यह फिल्म व्यावसायिक रूप से बहुत सफल रही और इसने ₹2 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की — जिसने साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ी भाषा में भी दर्शक और बाज़ार दोनों मौजूद हैं। यही फिल्म आधुनिक Chhollywood की नींव मानी जाती है।

आज Chhollywood कहाँ खड़ी है

2000 के दशक में जहाँ हर साल औसतन सिर्फ 4-5 छत्तीसगढ़ी फिल्में बनती थीं, वहीं आज यह संख्या बढ़कर हर साल लगभग 40 से 50 फिल्मों तक पहुँच गई है। यह ग्रोथ दिखाती है कि इंडस्ट्री में निवेश, कलाकार और दर्शक — तीनों बढ़े हैं।

हालांकि चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं — राज्य में सिनेमाघरों की संख्या सीमित है, खासकर छोटे शहरों और कस्बों में, जिससे फिल्म निर्माताओं को अपनी लागत वसूलने में मुश्किल आती है।

प्रमुख कलाकार

  • अनुज शर्मा — Chhollywood के सबसे बड़े नामों में से एक। रायपुर में जन्मे अनुज शर्मा एक्टर, प्रोड्यूसर, राइटर और डायरेक्टर — चारों भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्हें भाकला (2006), मया (2009) और महू दीवाना तहू दीवानी (2010) जैसी फिल्मों से पहचान मिली।
  • करण खान, प्रकाश अवस्थी, मन कुरैशी — इंडस्ट्री के अन्य जाने-पहचाने अभिनेता।
  • अनुकृति चौहान, सोनाली साहू, शिखा चितांबरे — प्रमुख अभिनेत्रियाँ।
  • संजय महानंद, हेमलाल कौशल — कॉमेडी भूमिकाओं के लिए जाने जाते हैं।
  • निर्देशन और निर्माण में सतीश जैन, मनु नायक, प्रेम चंद्राकर जैसे नाम इंडस्ट्री की रीढ़ माने जाते हैं।

चर्चित फिल्में

  • मोर छइहां भुइयां (2000) — आधुनिक इंडस्ट्री की शुरुआत करने वाली फिल्म
  • मया (2009) और भाकला (2006) — अनुज शर्मा की चर्चित फिल्में
  • भुलन द मेज़ (Bhulan The Maze) — यह फिल्म एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और यह 67वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में छत्तीसगढ़ी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड जीतने वाली पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म बनी।

Chhollywood क्यों मायने रखती है

छत्तीसगढ़ी भाषा में फिल्में बनना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भाषा और संस्कृति को ज़िंदा रखने का ज़रिया भी है। जब स्थानीय भाषा में कहानियाँ बड़े पर्दे पर आती हैं, तो यह राज्य की पहचान को मज़बूत करती हैं — और साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और छोटे व्यवसायों के लिए रोज़गार भी पैदा करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Chhollywood क्या है?
Chhollywood छत्तीसगढ़ी भाषा में बनने वाली फिल्मों की इंडस्ट्री को कहा जाता है, ठीक वैसे ही जैसे हिंदी सिनेमा को “बॉलीवुड” कहा जाता है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा की पहली फिल्म कौन सी थी?
1965 में रिलीज़ हुई “कहि देबे संदेश” पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म मानी जाती है।

हर साल कितनी छत्तीसगढ़ी फिल्में बनती हैं?
वर्तमान में हर साल लगभग 40 से 50 छत्तीसगढ़ी फिल्में बनती हैं।

क्या किसी छत्तीसगढ़ी फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला है?
हाँ, “भुलन द मेज़” ने 67वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में छत्तीसगढ़ी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड जीता — यह इस भाषा की पहली फिल्म है जिसे यह सम्मान मिला।